आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का शारीरिक संगठन, अलग अलग है। त्रिदोष अर्थात् वात, पित्त और कफ़ की स्थिति, प्रत्येक मनुष्य की प्रकृति भी अलग अलग होती है। आयुर्वेद चिकित्सा में व्यक्ति के दोष , शारीरिक संगठन, अग्नि , प्रकृति ,बल ,कल ,ऋतु आदि अनेक आधारों पर परीक्षण करके औषधि निर्धारित की जाती हैं। अतः एक दवा को एक रोग का संपूर्ण इलाज न मानकर किसी प्रशिक्षित अनुभवी वैद्य से ही चिकित्सा करवाए एवं उनके परामर्श के बिना किसी व्यक्ति विशेष के बताए इलाज का अंधानुकरण न करे ।।
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आज का उपयोगी स्वास्थ्य लेख *Ayurveda medicine* आयुर्वेद के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति का शारीरिक संगठन, अलग अलग है। त्रिदोष अर्थात् वात, पित्त और कफ़ की स्थिति, प्रत्येक मनुष्य की प्रकृति भी अलग अलग होती है। आयुर्वेद चिकित्सा में व्यक्ति के दोष , शारीरिक सं... सही जानकारी पढ़ें, समझें और जरूरत होने पर योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। पूरा लेख पढ़ें: https://nirogjeevandham.com/read/ayurveda-medicine?v=290-1788894029